25 मार्च 2026।
अमेरिका और इजराइल तथा ईरान के बीच युद्ध के हालात और तनावपूर्ण बने हुए हैं और थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। 28 फरवरी से लगातार आसमान से मौत बरस रही है और स्थिति और खराब होने का खतरा बरकरार है।
ईरान के सर्वोच्च सैन्य निकाय खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने आज कठोर लहजे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। निकाय ने स्पष्ट किया कि युद्ध जारी रहेगा और ईरानी सशस्त्र बल इसे आखिरी सांस तक लड़ेंगे।
उधर, ईरान ने आज इजराइल पर जोरदार हवाई हमला किया। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ऑपरेशन 'ट्रू प्रॉमिस 4' की 80वीं लहर में इजराइल के उत्तरी हिस्से में स्थित रणनीतिक ठिकानों और सैन्य केंद्रों पर हमले किए। साथ ही पूरे क्षेत्र में अमेरिकी चौकियों पर भी प्रहार किया गया।
आईआरजीसी के अनुसार यह हमला लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकानों पर किए गए हमलों के प्रतिरोध में किया गया। इजराइल के उत्तरी शहर सफेद में सैन्य कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया और भविष्य में गाजा पट्टी सहित अन्य क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहेंगे। साथ ही तेल अवीव, किर्यात शमोना, बेनी बराक और कुवैत व जॉर्डन के अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया गया।
आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि 28 फरवरी को इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की हत्या के बाद अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बिना उकसावे के सैन्य अभियान शुरू किया। जवाब में ईरानी सेना ने पूरे देश में सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हवाई हमले किए और इसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी कि उनके रणनीतिक घमंड का परिणाम अब रणनीतिक हार में बदल चुका है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में स्थिरता केवल ईरानी सशस्त्र बलों की ताकत से संभव है और जब तक ईरान की अनुमति नहीं होगी, कोई भी स्थिति पुराने रूप में लौटने की संभावना नहीं रखती।
प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के वादों का दौर समाप्त हो चुका है और दुनिया अब सच्चाई और झूठ के बीच विभाजित है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक अमेरिका ईरानी राष्ट्र के खिलाफ कोई कदम उठाने की सोच को छोड़ता नहीं, तब तक क्षेत्र में कोई पुरानी स्थिति बहाल नहीं होगी।











