मुंबई, 31 मार्च।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने झुग्गी-मुक्त मुंबई बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए "हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे अर्बन वेलफेयर कैंपेन" की शुरुआत की है। उनका कहना है कि झोपड़पट्टियों के रीडेवलपमेंट में तेजी लाई जाएगी और नई झुग्गियों के निर्माण पर विशेष रोक लगाने के लिए 'नेत्रम' टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर शुरू किया गया है और इसका उद्देश्य मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त बनाना है। इस योजना में कम से कम 50 एकड़ क्षेत्र और 51 प्रतिशत से अधिक स्लम एरिया वाले इलाके शामिल किए जाएंगे। लाभार्थियों की पहचान के लिए बायोमेट्रिक सर्वेक्षण किया जाएगा और बीएमसी, एमएमआरडीए जैसे संगठनों के साथ तालमेल रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 300 वर्ग फीट का फ्लैट दिया जाएगा, वहीं पुरानी परियोजनाओं को भी अपग्रेड किया जाएगा। 'नेत्रम' तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट इमेजरी, जीआईएस सिस्टम और डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग कर नई बनी झोपड़ियों पर निगरानी रखी जाएगी और तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार का यह अभियान शहर में व्यवस्थित आवास सुनिश्चित करने और झुग्गी-झोपड़ियों के बढ़ते निर्माण को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











