भोपाल, 16 मई।
मध्य प्रदेश में नवजात एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। राज्य सरकार द्वारा एसएनसीयू, एमएनसीयू और ई-शिशु जैसी आधुनिक स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार के चलते नवजात शिशुओं के उपचार और डिस्चार्ज दर में सुधार हुआ है, जबकि मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से कम बनी हुई है।
प्रदेश में नवजात और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। महिला एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक उपकरणों और प्रभावी प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से कम वजन, समय पूर्व जन्म और गंभीर रूप से बीमार शिशुओं को विशेष उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इन इकाइयों में प्रशिक्षित चिकित्सकों और आधुनिक उपकरणों के जरिए बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा रही है।
वर्ष 2025-26 में इन इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार दर्ज किया गया है। उपचारित नवजात शिशुओं की संख्या बढ़कर 1 लाख 34 हजार 410 तक पहुंच गई है, जबकि डिस्चार्ज दर 82.3 प्रतिशत के उच्च स्तर पर रही है। राज्य की 62 इकाइयों में हालिया अवधि में हजारों नवजातों का उपचार कर बड़ी संख्या में उन्हें सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया है।
इसी तरह बिस्तर क्षमता में भी वृद्धि की गई है, जिससे अब अधिक गंभीर नवजातों को समय पर उपचार उपलब्ध हो पा रहा है। चिकित्सा इकाइयों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट, फोटोथेरेपी और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
राज्य में एनबीएसयू इकाइयों के माध्यम से उप जिला स्तर पर भी नवजात उपचार सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उच्च जोखिम वाले शिशुओं को प्रारंभिक स्तर पर ही उपचार मिल रहा है। वहीं एमएनसीयू इकाइयों के तहत ‘जीरो सेपरेशन’ मॉडल लागू कर मां और नवजात को साथ रखकर बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा रही है।
इसके अलावा मातृ दुग्ध इकाइयों के माध्यम से कमजोर और बीमार नवजातों को सुरक्षित पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके स्वस्थ विकास में मदद मिल रही है। ई-शिशु परियोजना के माध्यम से डिजिटल व्यवस्था से भी नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है, जिसके सकारात्मक परिणाम रेफरल और मृत्यु दर में कमी के रूप में सामने आए हैं।




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