ग्वालियर, 06 अप्रैल 2026।
प्रदेश में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ते हुए जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। साथ ही सभी जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की तैयारियां भी समय रहते सुनिश्चित की जाएं।
यह निर्देश मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सोमवार को मुरार सर्किट हाउस में आयोजित जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी जलाशयों, तालाबों और नहरों के आसपास बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की योजना बनाकर उसे अमल में लाया जाए। इसके साथ ही जल संरचनाओं के संरक्षण एवं रखरखाव के कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रभारी मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं के कैचमेंट क्षेत्र में यदि कहीं अतिक्रमण हो, तो उसे तुरंत हटाकर क्षेत्र को साफ किया जाए। साथ ही बरसात से पहले अधिकाधिक कार्य पूर्ण करने के लिए तेजी से कार्रवाई की जाए।
बैठक में विभाग के मुख्य अभियंता आर.सी. वर्मा और अधीक्षण यंत्री राजेश चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि अभियान के तहत कार्ययोजना बनाकर कई कार्य प्रारंभ किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जल संरचनाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अभियान में जनसहभागिता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।





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