शनिवार को जारी बयान में संजय सेठ ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक गरीबी हटाओ का नारा दिया, लेकिन गरीबों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभावी नीतियों, योजनाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति के माध्यम से गरीबी उन्मूलन को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में देश में अत्यधिक गरीबी की दर 27.1 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में करीब 49.6 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी के दायरे से बाहर आए हैं। वहीं, वर्ष 2017 से 2023 के बीच देश में लगभग 13.4 करोड़ रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
सरकारी योजनाओं से गरीबों को मिला सहारा
संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, मुद्रा योजना और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं ने जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी देश में सशक्तीकरण की दिशा में हो रहे बदलावों को दर्शाती है। सरकार की योजनाओं से गरीबों को सम्मानजनक जीवन जीने और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के अवसर मिले हैं।
गरीब विकास यात्रा के सक्रिय भागीदार
रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह साबित किया है कि सही नेतृत्व, स्पष्ट नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति से लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान संभव है।
उन्होंने कहा कि आज गरीब केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बन रहा है। यही वास्तविक गरीब कल्याण है और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान करता है।
















