हल्द्वानी, 28 मार्च।
नैनीताल जनपद में कानून-व्यवस्था को सख्त बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए नौ आरोपितों को “गुंडा” घोषित करते हुए छह माह के लिए जनपद की सीमा से बाहर रहने (जिला बदर) का आदेश जारी किया है।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार जिन आरोपितों को जिला बदर किया गया है, उनमें शामिल हैं: राहुल पुत्र रमेश (बंबाघेर, थाना रामनगर) – जुआ अधिनियम व गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे, संजय आर्य पुत्र रमेश चंद्र (बागजाला, थाना काठगोदाम) – आबकारी, एनडीपीएस व आईपीसी के 13 मुकदमे, अनुज राज सिंह पुत्र रमेश सिंह (चोरपानी, थाना रामनगर) – आईपीसी व शस्त्र अधिनियम के मुकदमे, शाहिद पुत्र मोहम्मद रफी (खताड़ी, रामनगर) – आईपीसी के मुकदमे, सलमान पुत्र रईस अहमद (थाना बनभूलपुरा) – आर्म्स एक्ट, आईपीसी व एनडीपीएस के मामले, मोहसिन पुत्र नासिर (पप्पू का बगीचा, बनभूलपुरा) – एनडीपीएस के कई मुकदमे, शादाब पुत्र सज्जाद (थाना बनभूलपुरा) – आर्म्स एक्ट व आईपीसी के 7 मुकदमे, प्रदीप सागर अमन पुत्र पूरनचंद सागर (लामाचौड़, थाना मुखानी) – एनडीपीएस, आबकारी व आईपीसी के 9 मुकदमे।
प्रशासन ने बताया कि इन सभी का आपराधिक इतिहास गंभीर है और इनकी गतिविधियां क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही थीं। इसी आधार पर इन्हें छह महीने के लिए नैनीताल जनपद की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया।
जांच के दौरान यदि वर्तमान गतिविधियों में सुधार पाया गया, तो कुछ आरोपितों को राहत भी दी गई है। इसमें शनि बाबू पुत्र राम सुरेश बाबू (निर्मल कॉलोनी, लालकुआं), संजय बिनवाल पुत्र कुंदन सिंह (राजीव नगर, थाना लालकुआं), हिमांशु शाही पुत्र गौरव शाही (दुगई स्टेट, थाना भवाली), कौशल चिलवाल पुत्र राजेंद्र चिलवाल (इंदिरा कॉलोनी, रामनगर) – आईपीसी के 5 मुकदमे, सूरज कुमार पुत्र कालूराम (देवलचौड़), मोहम्मद आबिद पुत्र शब्बीर (थाना कालाढूंगी) शामिल हैं। इनके खिलाफ गुंडा एक्ट के नोटिस को रद्द कर दिया गया है।











