शिमला, 03 अप्रैल।
भाजपा मीडिया प्रभारी और विधायक रणधीर शर्मा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर प्रशासनिक निर्णयों और कथित भ्रष्टाचार को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। सोलन के चेस्टर हिल भूमि प्रकरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं और इसकी जांच हाईकोर्ट के सिंगल जज से करवाई जानी चाहिए, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।
रणधीर शर्मा ने यह भी कहा कि कार्यवाहक मुख्य सचिव को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्वयं अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देनी पड़ी, जो प्रदेश के इतिहास में असामान्य स्थिति है। इस दौरान कई पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सार्वजनिक होने से जनता में भ्रम की स्थिति पैदा हुई और सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ अधिकारियों को संरक्षण दे रही है और उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर विस्तार प्रदान किया जा रहा है।
विधायक ने एंट्री टैक्स के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में दिए गए बयान और बाद में जारी अधिसूचना में अंतर नजर आया। 5-सीटर वाहनों पर अतिरिक्त एंट्री टैक्स लगाने से आम जनता, टैक्सी ऑपरेटर और परिवहन क्षेत्र प्रभावित होंगे और इसका असर पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ेगा।
पंचायती राज चुनाव से जुड़े रोस्टर पर भी उन्होंने सवाल उठाए। रणधीर शर्मा का कहना था कि उपायुक्तों को 5 प्रतिशत तक बदलाव की शक्ति देने से पंचायत स्तर पर व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है और संवैधानिक प्रावधानों का ध्यान रखना जरूरी था।
विधायक ने राज्य के बजट पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि विकास कार्यों के लिए आवंटन में कमी आई है और बढ़ते कर्ज व राजस्व घाटे की स्थिति में सरकार को स्पष्ट रणनीति पेश करनी चाहिए।
रणधीर शर्मा ने घोषणा की कि भाजपा इन सभी मुद्दों को लेकर 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन करेगी।


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