ह्यूस्टन, 08 अप्रैल।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आर्टेमिस II मिशन के दौरान पृथ्वी और चांद की अद्भुत तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा की हैं। नासा ने पोस्ट के साथ लिखा, “हेलो, चांद। यहां आकर बहुत अच्छा लगा।” अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद का निरीक्षण किया और ऐसे हिस्से देखे, जिन्हें पहले इंसानी आंखों ने नहीं देखा था। ये नजारें उन्होंने कैमरों और शब्दों में कैद किए।
मिशन में शामिल रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन ने कई शानदार दृश्य कैमरे में उतारे। इनमें पहली बार स्मार्टफोन से ली गई अंतरिक्ष तस्वीरें भी शामिल हैं। ओरियन स्पेसक्राफ्ट में कुल 32 कैमरे और 70 वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगे हैं। 15 कैमरे स्पेसक्राफ्ट पर लगे हैं, जो लॉन्च, सोलर एरे डिप्लॉयमेंट, चांद की यात्रा और अन्य महत्वपूर्ण पलों को रिकॉर्ड कर रहे हैं। शेष 17 हैंडहेल्ड उपकरण चारों अंतरिक्ष यात्रियों के पास हैं, जिनमें निकॉन डी5, निकॉन जेड9 मिररलेस, गोप्रो और स्मार्टफोन शामिल हैं। ये सभी कैमरे मिशन के इंजीनियरिंग, नेविगेशन, वैज्ञानिक और आउटरीच गतिविधियों में मदद कर रहे हैं।
नासा के अनुसार, बाहरी कैमरे सोलर एरे से लेकर केबिन के अंदर तक हर कोण से मिशन को कैद कर रहे हैं। ऑप्टिकल नेविगेशन कैमरा पृथ्वी और चांद की तस्वीरें लेकर स्पेसक्राफ्ट की गहरे अंतरिक्ष में स्थिति निर्धारित करने में सहायता कर रहा है। चालक दल ने इन कैमरों की मदद से ऐसी तस्वीरें ली हैं, जिनमें उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवीय ऑरोरा लाइट्स एक साथ दिखाई दे रही हैं। कुछ चित्र स्मार्टफोन से लिए गए हैं, जो अंतरिक्ष उड़ान में पहली बार स्वीकार किए गए।
कुछ शुरुआती तस्वीरें 1968 के अपोलो 8 मिशन में बिल एंडर्स द्वारा ली गई प्रसिद्ध ‘अर्थराइज’ की याद दिलाती हैं। उस समय हैसलब्लैड फिल्म कैमरा और 250 मिमी लेंस का इस्तेमाल हुआ था। आज अंतरिक्ष यात्रियों के पास 80-400 मिमी टेलीफोटो लेंस और आधुनिक डिजिटल कैमरे हैं, जिससे हाई क्वालिटी तस्वीरें लेना आसान हुआ है। हालांकि, उड़ान की गति और समय के कारण ठीक वैसी ही तस्वीर दोबारा कैद करना चुनौतीपूर्ण रहा।


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