नई दिल्ली, 10 जुलाई।
अधिक अल्कोहल युक्त दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब ऐसी दवाइयां बिना लाइसेंस और डॉक्टर की पर्ची के बेचना संभव नहीं होगा।
ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। इसके दायरे में वे दवाएं आएंगी जिनमें 12 प्रतिशत से अधिक इथाइल अल्कोहल है और जिनकी मात्रा 30 मिलीलीटर से ज्यादा है।
इन दवाओं को अब शेड्यूल एच 1 में रखा गया है। इसका सीधा अर्थ है कि मरीज को दवा लेने के लिए पंजीकृत डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य रूप से दिखानी होगी। मेडिकल स्टोर संचालकों को इनकी बिक्री का पूरा ब्योरा भी रखना होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कुछ सुगंधित टिंचर में 80 से 90 प्रतिशत तक अल्कोहल होता है, जिनका उपयोग नशे के लिए किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं।
नए नियमों के लागू होने से इन दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम लगेगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि आम जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित हो और वास्तविक मरीजों को दवा मिलने में कोई समस्या न आए।










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