प्योंगयांग, 10 जुलाई।
उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य और खुफिया क्षमताओं को और अधिक घातक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग की बैठक में राष्ट्रपति किम जोंग उन ने 'जनरल रिकॉनिसेंस एंड इंटेलिजेंस ब्यूरो' (GRIB) का दायरा और मिशन बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इस एजेंसी का मुख्य लक्ष्य अब दुश्मनों की हर हरकत पर पैनी नजर रखना और संवेदनशील सैन्य जानकारी जुटाना होगा। विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया अब साइबर हमलों और ड्रोन आधारित निगरानी के जरिए दक्षिण कोरिया के बुनियादी ढांचे को अधिक निशाना बना सकता है।
बैठक में किम जोंग उन ने सेना के आधुनिकीकरण और परमाणु शक्ति को हर लिहाज से मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने सेना के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव के साथ-साथ कई संगठनात्मक फेरबदल भी किए हैं और महत्वपूर्ण सैन्य आदेशों पर हस्ताक्षर किए।
किम जोंग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की सुरक्षा केवल इच्छाशक्ति से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सेना का हर स्तर पर अजेय होना जरूरी है। वे लगातार अपनी सैन्य-तकनीकी क्षमता को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने में जुटे हैं।
सैन्य तैयारियों के अलावा इस उच्च स्तरीय बैठक में नौसेना के आधुनिकीकरण और कोयला खनन जैसे राष्ट्रीय निर्माण कार्यों पर भी चर्चा हुई। प्योंगयांग की यह कवायद अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सैन्य मजबूती का संदेश देने के तौर पर देखी जा रही है।










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