भुवनेश्वर, 29 अक्टूबर।
चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव से ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। दोनों जिलों में करीब 62,500 लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने गुरुवार को विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में हालात की समीक्षा की और प्रभावित लोगों की सुरक्षा के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल और गंजाम के जिलाधिकारी वी. कीर्तिभासन से दोनों जिलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने चक्रवात से पहले की तैयारियों और लगातार बारिश के बाद उत्पन्न हालात से निपटने के उपायों की समीक्षा की। इसके बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के साथ भी राहत कार्यों पर चर्चा की गई।
62,500 लोग प्रभावित, हजारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
प्रशासन के अनुसार, गंजाम जिले के 22 ब्लॉकों की 208 ग्राम पंचायतों के 299 गांव और गजपति जिले के सात ब्लॉकों की 110 ग्राम पंचायतों के 711 गांव बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं। गंजाम में करीब 42,500 और गजपति में 20,000 लोग प्रभावित हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर गंजाम के 11,882 और गजपति के 17,441 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ एवं चक्रवात आश्रय स्थलों में रखा गया है। गंजाम के 70 गांवों में 2,328 लोग बाढ़ के पानी और जलभराव से घिरे हुए हैं।
जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर से निकाले जाएंगे लोग
जिन इलाकों में तेज जलप्रवाह के कारण राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की टीमें नहीं पहुंच पा रही हैं, वहां फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने की तैयारी की जा रही है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से ऐसे क्षेत्रों की सूची तैयार करने को कहा है।
जरूरत पड़ने पर भारतीय तटरक्षक बल के विशेष हेलीकॉप्टरों की मदद लेने के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पका हुआ भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राहत कार्यों में जुटीं आपदा प्रबंधन की टीमें
गंजाम जिले में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 27, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की तीन और अग्निशमन सेवा विभाग की 24 टीमें तैनात हैं। गजपति में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 12, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक और अग्निशमन सेवा विभाग की 12 टीमें राहत एवं बचाव कार्य कर रही हैं।
इसके अलावा, गंजाम की 550 और गजपति की 420 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन प्रभावित लोगों को समय पर सहायता देने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
भारी बारिश से रेल यातायात भी प्रभावित
गंजाम जिले के चिकिटी और पात्रपुर ब्लॉकों में भारी बारिश के कारण बाघलाटी जलाशय और बाहुदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसका असर आंध्र प्रदेश के इच्छापुरम क्षेत्र में रेल यातायात पर भी पड़ा है।
चक्रवात की आशंका और मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर जलाशय की जलधारण क्षमता नियंत्रित रखने के लिए पहले ही पानी छोड़ा गया था। 27 अक्टूबर की शाम से जलाशय के ऊपरी हिस्से में तेज बारिश शुरू हुई। इसके कारण 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक जलप्रवाह बढ़कर 550 घनमीटर प्रति सेकंड हो गया। इसके बाद जलाशय के चार गेट खोलकर पानी छोड़ा गया।
28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम सात बजे के बीच पात्रपुर में 546 मिलीमीटर और चिकिटी में 289 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी वर्षा के कारण बाहुदा नदी का जलप्रवाह बढ़ा और निचले इलाकों में पानी भर गया।
रेलवे पुल पर बढ़ा जलस्तर, कई ट्रेनें रुकीं
इच्छापुरम और जटापुड़ी रेलवे स्टेशनों के बीच डांगुएड़ा के पास रेलवे पुल संख्या 1052 पर जलस्तर असामान्य रूप से बढ़ने की सूचना मिली। इसके बाद ओडिशा और आंध्र प्रदेश की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनें रोक दी गईं।
हालात को देखते हुए गंजाम और श्रीकाकुलम जिला प्रशासन के साथ पूर्व तट रेलवे के विशाखापत्तनम और भुवनेश्वर स्थित अधिकारियों के बीच समन्वय किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर गंजाम के जिलाधिकारी को जरूरी कदम उठाने और प्रभावित यात्रियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री कर रहे राहत और बहाली कार्यों की निगरानी
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी बाढ़ की स्थिति के साथ राहत, पुनर्वास और बहाली कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने पर जोर दिया है।















