लखनऊ, 01 अप्रैल 2026।
प्रदेश में गोवंश संरक्षण को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने कदम तेजी से बढ़ाए हैं। भूसा और साइलेज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में गति लाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इस निर्देश के तहत कई जिलों में टेंडर की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि छह जिलों में साइलेज टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।
सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि गोआश्रय स्थलों पर चारे की कोई कमी न हो। विशेष रूप से गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए भूसा और साइलेज का पर्याप्त भंडारण करने पर जोर दिया गया है। शासन स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बनी रहे।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि जिन जिलों में साइलेज टेंडर पूरी हो चुकी है, वहां जल्द ही आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। शेष जिलों में भी टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अधिकारियों को इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार टेंडर प्रक्रिया में देरी न होने का कारण सरकार की कड़ी निगरानी और सख्त निर्देश हैं।
निर्देशों में यह भी कहा गया कि दान और क्रय के माध्यम से विशेष भूसा संग्रह अभियान 15 अप्रैल से शुरू किया जाए। प्रत्येक गो-आश्रय स्थल की चार किलोमीटर परिधि में स्थित गोचर भूमि को शामिल कर चारे का आच्छादन किया जाए। इस पहल के तहत किसानों से सीधे भूसा खरीद को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे गोआश्रय स्थलों पर समय पर चारा उपलब्ध होगा और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी मिलेगा।
अधिकारियों को भूसा और साइलेज की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और आपूर्ति किए जाने वाले चारे की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। योगी सरकार की सक्रिय और सख्त नीति से प्रदेश के गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे पशुओं की देखभाल में सुधार और किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा।












