झांसी, 23 मार्च।
उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के प्रभाव से बुंदेलखंड के सामाजिक जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। योगी सरकार की सक्रिय पहल ने ग्रामीण महिलाओं और बच्चियों के जीवन में विशेष सुधार लाया है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और परमार्थ समाजसेवी संस्था के अध्ययनों से पता चला है कि झांसी सहित सात जिलों में जल जीवन मिशन के लागू होने से महिलाओं के समय की बचत हुई है और बच्चियों का स्कूल जाना बढ़ा है।
परमार्थ समाजसेवी संस्था के अध्ययन में सामने आया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल आपूर्ति होने से महिलाओं को पीने का पानी जुटाने में लगने वाला समय और मेहनत कम हुई है। पहले बच्चियों को भी पानी लाने के काम में लगाया जाता था, लेकिन अब स्कूल जाने की प्रवृत्ति में बढ़ोतरी हुई है। समय की बचत से महिलाएं आजीविका के साधनों की ओर अधिक रुख कर रही हैं। इससे बीमारियों में कमी, घरेलू हिंसा में घटाव और जातीय जल विवादों में नियंत्रण भी देखने को मिला है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के समाज कार्य विभाग ने अध्ययन में यह पाया कि जल जीवन मिशन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सामंजस्य, रोजगार और आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक असर डाला है। झांसी के सात जिलों के 70 गांवों में किए गए अध्ययन से पता चला कि घर तक साफ पीने का पानी पहुंचने से जलजनित बीमारियों में कमी आई और पेट संबंधी समस्याएं घटीं। स्कूलों में ड्रॉपआउट की दर भी कम हुई।
वर्ष 2023 में विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक परमेश्वरम अय्यर ने झांसी के कई गांवों में पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी की गुणवत्ता और ग्रामीणों से बातचीत कर योजना के प्रभाव और योगी सरकार की कार्यशैली की सराहना की।
झांसी की मालती ने कहा कि घर तक साफ पानी पहुंचने से बीमारियों की संभावना कम हो गई है और पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं रह गई। परमार्थ समाजसेवी संस्था के सचिव डॉ. संजय सिंह ने बताया कि टंकी से फिल्टर होकर घर तक नल के माध्यम से पानी पहुंचने से महिलाओं के जीवन में कई स्तरों पर सुधार आया है। अब महिलाओं को पानी जुटाने के संघर्ष से मुक्ति मिली है।











