रायपुर, 30 मार्च।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण आवास निर्माण में अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज की है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में छह लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूरे किए गए हैं, जो इस वर्ष देश में सर्वाधिक संख्या है।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री जनमन योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के समन्वित क्रियान्वयन से यह उपलब्धि हासिल हुई। इससे प्रदेश आवास निर्माण में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरा है।
सरकार के पहले कैबिनेट निर्णय में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे। वर्तमान में सभी पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है, जिससे कोई भी परिवार वंचित न रहे।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में पीएमएवाय-जी के तहत 5.87 लाख, प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 13 हजार और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 10 हजार से अधिक आवास पूरे किए गए। तीनों योजनाओं के प्रभावी समन्वय से छह लाख से अधिक आवासों का लक्ष्य पार हुआ।
यह रिकॉर्ड वर्ष 2016 के बाद किसी भी वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक ग्रामीण आवास पूरा करने का है, जो तेज कार्यान्वयन और प्रभावी मॉनिटरिंग को दर्शाता है।
आवास निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई गति आई है। “डीलर दीदी” मॉडल के तहत 9 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सदस्य आवास निर्माण सामग्री की आपूर्ति कर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। हजारों महिला समूहों को आजीविका के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।

साथ ही 6 हजार से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें 1200 से अधिक “रानी मिस्त्री” शामिल हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान किए गए।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए टोल-फ्री नंबर 18002331290 संचालित है। पिछले 10 महीनों में 1500 से अधिक शिकायतें और सुझाव प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निराकरण किया गया। प्रत्येक माह की 7 तारीख को ग्राम पंचायत स्तर पर “आवास दिवस” आयोजित कर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर क्यू आर कोड आधारित सूचना प्रणाली से लाभार्थियों को सरल और सहज जानकारी उपलब्ध हो रही है। छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब सिर्फ आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, समावेशी विकास और पारदर्शिता के क्षेत्र में प्रभावी पहल के रूप में स्थापित हो रहा है।











