नई दिल्ली, 20 मार्च 2026।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर को अपने व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा संबंधी याचिका में सुधार करने का निर्देश दिया है। जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान गौतम गंभीर के वकील जय अनंत देहादराय ने अदालत को बताया कि गंभीर के बारे में बिना अनुमति भ्रामक कंटेंट सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर फैलाया जा रहा है। याचिका में कहा गया कि कभी उनके त्यागपत्र की झूठी खबरें बनाई जाती हैं, तो कभी किसी खिलाड़ी पर हमला करने का वीडियो अपलोड किया जाता है।
गौतम गंभीर की याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनकी पहचान का एआई और डीफेक तकनीक के जरिए बिना अनुमति दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने व्यक्तित्व के उल्लंघन के लिए ढाई करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। याचिका में कई सोशल मीडिया अकाउंट, प्लेटफार्म और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स का हवाला दिया गया है, जिनमें उनके नाम, आवाज और व्यक्तित्व से जुड़े कंटेंट का अवैध उपयोग हो रहा है।
याचिका में 16 प्रतिवादियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गौतम गंभीर ने कहा कि कई वीडियो में उनके त्यागपत्र की फर्जी घोषणाएं और वरिष्ठ क्रिकेटर्स पर मनगढ़ंत टिप्पणियां की गई हैं। उनके व्यक्तित्व का व्यावसायिक दोहन भी किया जा रहा है।
दिल्ली उच्च न्यायालय पहले भी कई हस्तियों के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दे चुका है। इसमें बाबा रामदेव, काजोल, विवेक ओबेरॉय, पवन कल्याण, सुनील गावस्कर, सलमान खान, अजय देवगन, जया बच्चन, सुधीर चौधरी, श्री श्री रविशंकर, नागार्जुन, ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और करण जौहर शामिल हैं, जिनके व्यक्तित्व से जुड़ी जानकारी बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं की जा सकती।












