मध्य प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और अफवाहों पर ध्यान न देने की नागरिकों से अपील की गई है। खाद्य मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बुधवार को कहा कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और सप्लाई में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं है। उन्होंने आम जनता से घबराहट में खरीदारी से बचने और अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह किया।
प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी पर लगातार कार्रवाई जारी है। अब तक 2215 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 3029 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए और 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही 544 पेट्रोल पंपों की जांच में 2 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई। जिला आपूर्ति अधिकारी और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
घरेलू गैस उपभोक्ताओं की बुकिंग के अनुसार सिलेंडरों की सप्लाई नियमित रूप से की जा रही है। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार गैस की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अतिरिक्त मांग को देखते हुए गैस बॉटलिंग प्लांट अधिक समय तक कार्य कर रहे हैं, और प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित प्लांट और वितरकों के स्टॉक की निरंतर समीक्षा की जा रही है।
पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है। सभी ऑयल कंपनियों के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है और पेट्रोल पंपों पर कोई कमी नहीं है। कंपनियों के डिपो से नियमित रूप से आपूर्ति जारी है और मांग बढ़ने पर डिपो संचालन अधिक समय तक रखा जा रहा है, ताकि आपूर्ति सामान्य बनी रहे।
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) के अंतर्गत कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का तुरंत निराकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को पांच दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन प्रदान करने के निर्देश हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
नई आपूर्ति व्यवस्था और लगातार निगरानी से यह सुनिश्चित किया गया है कि मध्य प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।











