28 मार्च, नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पश्चिम एशिया संकट पर राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों से बातचीत करेंगे।
जानकारी के अनुसार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और इसके वैश्विक असर के मद्देनजर यह बैठक प्रधानमंत्री के लिए मुख्यमंत्रियों को स्थिति से अवगत कराने और संकट पर भारत के दृष्टिकोण में व्यापक सहमति बनाने का अवसर है।
अधिकारी ने बताया कि चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री आदर्श आचार संहिता के कारण बैठक में शामिल नहीं होंगे। चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से अलग बैठक आयोजित की जाएगी।
इससे पहले, सरकार ने बुधवार शाम संसद भवन परिसर में पश्चिम एशिया की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। यह बैठक प्रधानमंत्री के संसद में दिए बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के प्रभाव को कम करने के लिए ईंधन, आपूर्ति शृंखला, उर्वरक और अन्य क्षेत्रों में सात सशक्त समूह बनाए गए हैं।
बुधवार की बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री ने की। बैठक में गृह मंत्री, विदेश मंत्री, पेट्रोलियम मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री और अन्य केंद्रीय एवं विपक्षी नेता मौजूद थे।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री ने सभी दलों को धन्यवाद दिया और कहा कि विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए गए सभी सवालों का समाधान किया गया। सभी विपक्षी दलों ने सरकार के उपायों का समर्थन देने का आश्वासन दिया।
इस बैठक में कांग्रेस, सीपीआई-एम, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने भाग लिया। यह बैठक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई, जिसने महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रभावित किए और खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी।










