नई दिल्ली, 31 मार्च।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी के निधन पर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री ने इसे न केवल सूरीनाम के लिए, बल्कि वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चंद्रिका प्रसाद संतोखी उनके अच्छे मित्र थे और उनके साथ बिताए गए समय की यादें हमेशा ताजी रहेंगी। मोदी ने यह भी कहा कि संतोखी ने सूरीनाम की सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया और भारत-सूरीनाम संबंधों को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि संतोखी को भारतीय संस्कृति से विशेष प्रेम था और उन्होंने संस्कृत में शपथ लेकर भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी श्रद्धा का प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री ने संतोखी के परिवार और सूरीनाम की जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने संतोखी के साथ अपनी मुलाकातों की तस्वीरें भी साझा कीं।
चंद्रिका प्रसाद संतोखी का जन्म 3 फरवरी 1959 को हुआ था। पेशे से पुलिस अधिकारी रहे संतोखी ने बाद में राजनीति में कदम रखा और 2020 में सूरीनाम के राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला। उनके कार्यकाल में सूरीनाम में कानून-व्यवस्था सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिला। संतोखी भारतीय मूल के प्रवासियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय थे और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। उनकी पहचान तब बनी जब उन्होंने राष्ट्रपति पद की शपथ संस्कृत में लेकर भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।












