एक युवा अधिकारी इन दिनों अपने काम से ज्यादा दिल के मामले को लेकर चर्चा में हैं। काम करने का जोश भी है और दिल भी कुछ ज्यादा ही रंगीन है। ट्रेनिंग के दिनों में किसी से दिल लगा था और एक समय ऐसा भी था जब दोनों एक ही जिले में पदस्थ थे। लेकिन अब किस्मत ने दोनों को लगभग 500 किलोमीटर दूर अलग-अलग जिलों में भेज दिया है। दूरी बढ़ी, मगर दिल की बेचैनी कम नहीं हुई।
साहब किसी न किसी बहाने काम से समय निकाल ही लेते हैं और जहां दिल को सुकून मिलता है, वहां पहुंच जाते हैं। ऊपरखान से लेकर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन दिल है कि मानता नहीं। साहब का मानना है कि जब इश्क सच्चा हो तो 500 किलोमीटर क्या, 5000 किलोमीटर भी ज्यादा नहीं होते।




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