थिम्पू, 07 अप्रैल।
भारत ने भूटान के विकास कार्यों के समर्थन में 42.3 करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग दिया है। यह राशि भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत संचालित परियोजनाओं के लिए आवंटित की गई है।
यह घोषणा भारत-भूटान के 17वें मासिक समन्वय सम्मेलन के दौरान की गई, जिसमें दोनों देशों ने प्रगति की समीक्षा की और आगामी योजनाओं पर विचार किया। भारत के उप मिशन प्रमुख अनिकेत गोविंद मंडवगणे ने भूटान के वित्त मंत्रालय को 42.3 करोड़ रुपये के चेक सौंपे।
सहायता का वितरण इस प्रकार है:
- 16.86 करोड़ रुपये केंद्रीय मठ (झुंग ड्रत्सांग) के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए।
- 15.01 करोड़ रुपये खुरु-कुएनफेन पुल के निर्माण के लिए।
- 5.44 करोड़ रुपये सड़क सुधार परियोजना के लिए।
- 4.99 करोड़ रुपये रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आरआईएम) के आधुनिकीकरण और विकास के लिए।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, परिवहन सेवाओं में सुधार लाना और शिक्षा संस्थानों के आधुनिकीकरण के माध्यम से गुणवत्ता बढ़ाना है।
बैठक में मानव संसाधन विकास, कौशल संवर्धन कार्यक्रम और आर्थिक प्रोत्साहन योजना (ईएसपी) की प्रगति पर भी विचार किया गया।
भारत ने भूटान की इस पंचवर्षीय योजना के लिए कुल 10,000 करोड़ रुपये की सहायता का वादा किया है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और विकास साझेदारी को दर्शाता है।


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