लखनऊ, 07 अप्रैल।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोक भवन में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में सभी विभागों से आए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई और उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि इस अवसर पर भीमराव अंबेडकर समेत भारतीय संविधान के निर्माताओं की प्रतिमाओं के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया गया। इसके तहत प्रतिमाओं पर छत और चबूतरे बनाए जाएंगे और उनका नवीनीकरण किया जाएगा। अभियान की शुरुआत 14 अप्रैल से होगी।
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी और बड़ी संख्या में दंगे हुए थे। उन्होंने महिला आरक्षण बिल पर भी टिप्पणी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महिलाओं को उनके अधिकार देने के लिए धन्यवाद कहा।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मदरसा बोर्ड से जुड़े कानून पर स्पष्ट किया कि कोई नया बिल नहीं लाया गया है। उन्होंने बताया कि 2016 में सपा शासन के दौरान पारित कानून को ही कैबिनेट से मंजूरी मिली थी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। शिक्षामित्रों का वेतन 10,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपए और अनुदेशकों का 9,000 से बढ़ाकर 17,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया। यह कदम लगभग दो लाख परिवारों के लिए आर्थिक लाभ लेकर आएगा।
मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जनता ‘जंगलराज’ को नहीं भूली है और सपा शासनकाल की याद आज भी लोगों के मन में है। वहीं, मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।


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