वाराणसी, 11 मई
काशी में आयोजित सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति पर बार-बार आक्रमण हो सकते हैं, लेकिन उसे कभी पराजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इतिहास में विदेशी आक्रांताओं द्वारा सोमनाथ मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थलों को बार-बार निशाना बनाया गया, लेकिन भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक परंपरा आज भी अडिग और जीवित है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के त्रयंबकेश्वर बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महमूद गजनवी सहित कई आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार हमले कर उसकी भव्यता को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी सोच केवल भ्रम थी क्योंकि भारत की सनातन आत्मा को समाप्त करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि केवल सोमनाथ ही नहीं, बल्कि काशी विश्वनाथ सहित देश के हजारों धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर आक्रमण हुए, फिर भी भारत की सनातन परंपरा आज भी पूरी शक्ति के साथ जीवित है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम को भारत की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विनाश भले क्षणिक होता है, लेकिन सृजन और संस्कृति शाश्वत होती है।
कार्यक्रम में इससे पहले स्कूल की छात्राओं ने शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद अतिथियों ने सोमनाथ महादेव को पुष्पांजलि अर्पित की और उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से ‘ॐ’ का जाप किया।
इस अवसर पर सोमनाथ संकल्प का सामूहिक पाठ भी किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं संकल्प वाचन किया और उपस्थित श्रद्धालुओं ने उसका अनुकरण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को पटका और रुद्राक्ष माला भेंट की, वहीं महापौर ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया।
सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूर्ण होने पर काशी विश्वनाथ परिसर में आयोजित प्रदर्शनी का भी राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। इस अवसर पर कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










