नई दिल्ली, 07 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के चलते एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में वृद्धि अब हवाई यात्रियों के खर्च पर असर डालेगी। देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया ने ईंधन लागत में बढ़ोतरी को देखते हुए अपने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव का निर्णय लिया है। नई दरें 8 अप्रैल से लागू होंगी।
एयर इंडिया समूह ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए संशोधित ईंधन अधिभार बढ़ाने की घोषणा की है। इसके चलते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टिकटों की कीमतों में इजाफा होना तय है। घरेलू उड़ानों पर किराया 299 रुपये से 899 रुपये तक बढ़ जाएगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकट 2,200 रुपये से 26 हजार रुपये तक महंगे होंगे।
एयरलाइन ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा घरेलू एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एफटीए) की कीमतों में 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी तय करने के निर्णय के बाद एयर इंडिया समूह भी इसी दृष्टिकोण को अपना रहा है। इस नई व्यवस्था में घरेलू उड़ानों पर लागू समान सरचार्ज को हटाकर दूरी आधारित ग्रिड प्रणाली लागू की जा रही है, जो 8 अप्रैल से प्रभावी होगी। इसमें एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें भी शामिल हैं।
एयर इंडिया के अनुसार जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी होने के कारण उड़ानों का खर्च बढ़ गया है। विमान ईंधन की औसत कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। इससे पहले इंडिगो ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। फ्यूल सरचार्ज वह अतिरिक्त शुल्क है, जो तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण टिकट में जोड़ा जाता है और एयरलाइन को ईंधन लागत को संभालने में मदद करता है।


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