जबलपुर, 24 जून।
वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती साहस, शौर्य और राष्ट्र समर्पण की अनुपम मिसाल हैं, जिनका योगदान सदियों बाद भी प्रेरणा देता है।
जबलपुर के नर्रई नाला स्थित समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य पराक्रम से आक्रमणकारियों का सामना किया और गौंडवाना साम्राज्य की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। पति की असमय मृत्यु के बाद उन्होंने अपने पुत्र को सिंहासन पर बैठाकर लगभग 15 वर्षों तक राज्य संचालन और जनकल्याण का दायित्व निभाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गठन के बाद अपनी पहली मंत्रिपरिषद बैठक जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित करते हुए आयोजित की थी। इसके बाद दूसरी कैबिनेट बैठक भी उनके गौरवशाली इतिहास से जुड़े संग्रामपुर में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महान विभूतियों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि जबलपुर में रानी दुर्गावती संस्थान लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है, जिसका लोकार्पण जल्द होगा। इसके अलावा रानी दुर्गावती के नाम पर चिड़ियाघर और वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है। मंडला स्थित 35वीं बटालियन का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का शासनकाल गौंडवाना साम्राज्य का स्वर्णिम दौर माना जाता है। उन्होंने किसानों के हित में जल संरक्षण, बीज संग्रह और फसल चक्र जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया था। उनकी नीतियों से कृषि और खाद्यान्न भंडारण को मजबूती मिली थी।
किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शून्य ब्याज ऋण योजना में राहत देते हुए कर्ज चुकाने की समयसीमा को अधिक लचीला बनाया है। अब किसान ऋण लेने की तारीख से एक वर्ष के भीतर भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए सरकार वित्तीय संस्थाओं को 880 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री सम्मान निधि और श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना जैसी पहलें लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और वीर नारायण की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी दी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समाज के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।












