नई दिल्ली, 30 मार्च।
फार्मास्यूटिकल सेक्टर में काम करने वाली कंपनी स्पेशियलिटी मेडिसिन्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री ली और आईपीओ निवेशकों को मामूली लाभ मिला। कंपनी के शेयर आईपीओ के तहत 124 रुपये प्रति शेयर पर जारी किए गए थे, और बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग भी 124 रुपये के स्तर पर ही हुई।
लिस्टिंग के तुरंत बाद खरीदारी शुरू हुई और शेयर 129.50 रुपये तक उछल गए। हालांकि, इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ने से शेयर की कीमत फिर नीचे आ गई। दोपहर 11:15 बजे तक कंपनी के शेयर 124.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे, जिससे आईपीओ निवेशकों को पचास पैसे प्रति शेयर का लाभ हुआ, यानी 0.40 प्रतिशत का मामूली फायदा।
स्पेशियलिटी मेडिसिन्स लिमिटेड का 29.14 करोड़ रुपये का आईपीओ 20 से 24 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इसे निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला और ओवरऑल 2.27 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 96.24 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए 1.88 गुना और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए 0.85 गुना ही सब्सक्रिप्शन हुआ।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 23.50 लाख नए शेयर जारी किए गए। आईपीओ से जुटाए गए धन का इस्तेमाल कंपनी आरएंडडी सेंटर बनाने, विदेशी बाजार के लिए प्रोडक्ट डेवलपमेंट, अपने प्रोडक्ट्स का मार्केटिंग और प्रोमोशन, वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने और अन्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का शुद्ध लाभ 2.93 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 8.61 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक शुद्ध लाभ 6.06 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
राजस्व में भी निरंतर बढ़ोतरी रही। 2023-24 में कंपनी का कुल राजस्व 27.66 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 58.54 करोड़ रुपये और मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक 36.93 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कर्ज के बोझ में भी वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में 2.86 करोड़ रुपये, 2024-25 में 5.05 करोड़ रुपये और मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक 4.81 करोड़ रुपये का कर्ज रहा।
नेटवर्थ में भी लगातार सुधार देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में नेट वर्थ 15.06 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में 23.98 करोड़ रुपये और मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक 30.04 करोड़ रुपये तक बढ़ गया।
ईबीआईटीडीए में भी बढ़ोतरी हुई। 2023-24 में यह 5.26 करोड़ रुपये, 2024-25 में 9.09 करोड़ रुपये और मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक 6.51 करोड़ रुपये पर रहा।












