अंबिकापुर, 06 जून।
सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में पीलिया का प्रकोप तेजी से पैर पसार रहा है। बीते एक सप्ताह के भीतर चार गांवों में पांच लोगों की असमय मौत होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मरने वालों में एक पूर्व उपसरपंच और नौवीं कक्षा का एक छात्र भी शामिल है। इसके अलावा 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं, जिनका इलाज अंबिकापुर और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल तीन मौतों की पुष्टि की गई है, अन्य मामलों की जांच जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को प्रभावित गांवों का दौरा कर सर्वे शुरू कर दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में दो मौतें पीलिया से होना पाया गया है, वहीं एक अन्य व्यक्ति के मामले में क्रोनिक बीमारी की बात सामने आई है। शेष मौतों के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
नर्मदापुर, कुनिया, बरिमा और बइगहवा गांवों में बीमारी फैलने की सूचना मिलने के बाद विभाग सक्रिय हुआ है। एहतियात के तौर पर कुनिया के चार अलग-अलग स्थानों से पानी के नमूने लिए गए हैं। मृतकों में जितेंद्र यादव, भाग्यवती यादव, विकास यादव और बइगहवा की एक युवती के नाम शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा रही है। उदयभान यादव और सुभाष यादव जैसे गंभीर पीड़ितों का अंबिकापुर के माता राजरानी मेमोरियल और जीवन ज्योति हॉस्पिटल में उपचार किया जा रहा है। विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाने का दावा कर रहा है।













