डबरा, 06 जून।
डबरा में 50 लाख रुपये की बड़ी लूट की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह वारदात किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि घर के भेदियों ने ही अंजाम दी थी। फरियादी मोनिका श्रीवास्तव के घर हुई इस घटना के पीछे खुद उनके भाई, भाभी और दो अन्य साथियों का हाथ सामने आया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को धर दबोचा है और लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है।
चार जून को डबरा की पिछोर रोड स्थित मोनिका के घर पर यह वारदात हुई थी। उस वक्त घर में उनकी भाभी पिंकी श्रीवास्तव अकेली थीं। उन्होंने पुलिस को बताया था कि दो बदमाश सर्विसिंग के बहाने अंदर घुसे और उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की। इसके बाद लुटेरे घर में रखे 50 लाख रुपये नकद और कीमती जेवर लेकर चंपत हो गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
जांच के दौरान पुलिस को यादव ढाबे के समीप एक संदिग्ध बाइक नजर आई। इसी कड़ी ने पुलिस को असली अपराधियों तक पहुँचा दिया। साथ ही, पुलिस को भाभी पिंकी के बयानों में विरोधाभास नजर आने लगा। शक के घेरे में आए पिंकी के पति शुभम श्रीवास्तव से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरा सच उगल दिया। उसने अपने साथी सोनू कौशिक के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस लूट की साजिश रची थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पता चला कि लूटे गए आभूषण ग्वालियर के तारागंज निवासी आसिफ खान के घर छिपाए गए थे। पुलिस ने वहां से करीब 46 लाख के गहने, ढाई लाख रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में सिटी थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम का विशेष योगदान रहा।









