जबलपुर, 13 जून।
मानेगांव स्थित फनिंगो एडवेंचर पार्क में मार्च माह में हुए भीषण अग्निकांड और वेल्डर अशोक मरावी की मौत के मामले में पुलिस ने पार्क के तीन संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। प्रशासनिक और तकनीकी जांच में सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने मामले में प्रभाकर जैन, वेदांत कुमार दीवान और बासु गुप्ता को आरोपी बनाया है। जांच में पाया गया कि पार्क परिसर में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी और वहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री का उपयोग किया गया था।
गौरतलब है कि 25 मार्च को पार्क में अचानक आग लगने से पूरा परिसर चपेट में आ गया था। आग पर काबू पाने के बाद घटनास्थल से एक जला हुआ कंकाल बरामद हुआ था। बाद में डीएनए जांच के जरिए उसकी पहचान वेल्डर अशोक मरावी के रूप में की गई।
घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त जांच समिति ने मामले की विस्तृत पड़ताल की। समिति में राजस्व, पुलिस, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया था।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि पार्क की संरचना अस्थायी और अर्ध-स्थायी प्रकृति की थी। परिसर में फोम, प्लास्टिक और कपड़े जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का उपयोग किया गया था। साथ ही पर्याप्त अग्निशमन यंत्र और स्थायी फायर फाइटिंग सिस्टम भी मौजूद नहीं थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय परिसर में वेल्डिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारियां पास रखी सामग्री के संपर्क में आने से आग फैल गई और कुछ ही समय में पूरे गेमिंग जोन को अपनी चपेट में ले लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि पार्क का बीमा नहीं कराया गया था तथा कई सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। समिति ने हादसे के लिए संचालकों की लापरवाही को जिम्मेदार माना है।
पुलिस ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट और विस्तृत जांच के आधार पर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।















