नई दिल्ली, 22 जून।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए योग को स्वस्थ और सकारात्मक जीवन का आधार बताया है। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से उन्होंने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए इसके मानसिक और शारीरिक लाभों पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए योग की महत्ता समझाई:
चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा॥
उन्होंने स्पष्ट किया कि योग का मुख्य उद्देश्य मन को शांत और स्थिर बनाना है। इसके लिए श्वास-प्रश्वास पर नियंत्रण और चित्त की एकाग्रता दो सबसे प्रमुख मार्ग हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, योग न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रखता है, बल्कि आत्मिक शांति, मानसिक संतुलन और जीवन के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज विश्वभर में योग एक जीवन शैली बन चुका है जो लोगों को आत्मविश्वास और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा दे रहा है।










