कूनो, 22 जून।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचकर भारत की महत्वकांक्षी चीता पुनर्वास परियोजना की अद्यतन स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने पार्क के चीता प्रबंधन क्षेत्र का अवलोकन किया और अधिकारियों से इस परियोजना के क्रियान्वयन व चीतों के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियाँ प्राप्त कीं। कूनो को चीतों के लिए सबसे अनुकूल आवास माना जाता है क्योंकि यहाँ का प्राकृतिक वातावरण और शिकार की उपलब्धता उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप है।

आज सुबह राष्ट्रपति ने कूनो के जंगलों में सफारी का आनंद लेते हुए वन अधिकारियों और स्थानीय जनजातीय समुदाय के उन लोगों से भेंट की जो 'चीता मित्र' के रूप में इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। रविवार को उन्होंने चीता कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें बताया गया कि देश में वर्तमान में 52 चीते मौजूद हैं। इनमें से अधिकांश कूनो में सुरक्षित हैं, जबकि शेष तीन को गांधी सागर अभयारण्य में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में नामीबिया से लाए गए चीतों के साथ इस परियोजना का श्रीगणेश हुआ था, जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से भी चीतों को भारत लाकर उनकी संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है।










