भोपाल, 22 जून।
मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लागू करने की प्रक्रिया ने अब गति पकड़ ली है। राज्य सरकार आगामी मानसून सत्र में इसे विधानसभा के पटल पर रखने की तैयारी में है। इस दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए आज, 22 जून को भोपाल के नोरोन्हा प्रशासनिक अकादमी में एक उच्च स्तरीय महाबैठक का आयोजन किया गया है।
यूसीसी ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जस्टिस देसाई की अध्यक्षता में सुबह 10:30 बजे से शाम छह बजे तक चलने वाले इस सत्र का उद्देश्य एक ऐसा संतुलित कानून तैयार करना है, जो सभी समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों जैसे गृह, महिला एवं बाल विकास, एससी/एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अपने विस्तृत सुझाव साझा करेंगे।
इस संवाद सत्र में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और प्रमुख सामाजिक संगठनों को भी आमंत्रित किया गया है। राज्य महिला आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग समेत अन्य संवैधानिक निकायों के पदाधिकारी भी अपने पक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, 20 जुलाई से प्रस्तावित मानसून सत्र में इस विधेयक को पेश किए जाने की प्रबल संभावना है। आम नागरिकों से ऑनलाइन सुझाव भेजने की आज अंतिम तिथि है। यह कवायद उत्तराखंड के बाद मध्य प्रदेश को यूसीसी अपनाने वाला अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक अहम सोपान मानी जा रही है।









