नई दिल्ली, 23 जून।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इस वर्ष देश और दुनिया में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। आयुष मंत्रालय के अनुसार भारत के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 780 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में 3.07 करोड़ से अधिक लोगों ने योगाभ्यास किया। वहीं, 7.64 लाख से ज्यादा संगठनों ने इस व्यापक जनअभियान में सहभागिता दर्ज कराई।
इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई थी। इसके तहत देशभर में विभिन्न स्तरों पर सामूहिक योग सत्र, जागरूकता कार्यक्रम और विशेष आयोजन किए गए, जिनमें सभी आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आयुष मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में योग सत्र का नेतृत्व किया। इस आयोजन में करीब 35 हजार लोगों ने एक साथ योग कर स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।
योग दिवस का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दिया। अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, मिस्र समेत कई देशों में विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय सहित दुनिया के अनेक प्रमुख शहरों में लोगों ने योग के माध्यम से स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव का संदेश प्रसारित किया।
देश के विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी विशेष योग सत्र आयोजित हुए। इनमें लालकिला, कोणार्क सूर्य मंदिर, हम्पी, गेटवे ऑफ इंडिया, चारमीनार और नालंदा महाविहार जैसे प्रतिष्ठित स्थल शामिल रहे, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी निभाई।
मंत्रालय ने बताया कि योग संगम पोर्टल पर देशभर से 7.46 लाख से अधिक तस्वीरें अपलोड की गईं, जबकि 2.66 लाख से ज्यादा सहभागिता प्रमाण-पत्र जारी किए गए। संगठनात्मक भागीदारी के मामले में पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, असम और उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल रहे।
वहीं रक्षा मंत्रालय ने सियाचिन ग्लेशियर से लेकर कन्याकुमारी और समुद्री क्षेत्रों तक योग कार्यक्रम आयोजित किए। इसके अलावा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के 83 लाख से अधिक कैडेटों ने देशभर में 5 हजार से ज्यादा स्थानों पर सामूहिक योग सत्रों में हिस्सा लेकर इस अभियान को और व्यापक बनाया।










