रांची, 23 जून।
रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए झारखंड उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे मंदिर के संचालन के लिए एक विस्तृत 'स्कीम' या कार्ययोजना तैयार कर उसे अगली सुनवाई में पेश करें। यह निर्देश ट्रस्ट बोर्ड अधिनियम की धारा 32 के अंतर्गत जारी किए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी राज्य सरकार से अपडेट मांगा। महाधिवक्ता रोहित राय ने न्यायालय को अवगत कराया कि मंदिर परिसर की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अब चौबीसों घंटे पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इस संबंध में औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में मंदिर की सुरक्षा में खामियों को लेकर उच्च न्यायालय ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। सुनसान क्षेत्र में स्थित होने और अतीत में हुई एक सुरक्षा गार्ड की हत्या जैसी घटनाओं के बाद सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे थे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर की संपत्तियों की रक्षा के मद्देनजर अदालत ने रात के समय भी पर्याप्त तैनाती के निर्देश दिए थे।
न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों पर संतोष जताया है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 7 जुलाई को निर्धारित की गई है। उस दिन न्यायालय न्यास बोर्ड द्वारा पेश की जाने वाली उस विस्तृत कार्ययोजना पर विचार करेगा, जो मंदिर के भविष्य के विधिसम्मत संचालन का आधार बनेगी।










