नई दिल्ली, 23 जून।
भारत ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की हालिया टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश के भीतर मौजूद समस्याओं और विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस प्रकार के बयान वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं।
मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकार उल्लंघन जैसे गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने की एक हताश कोशिश हैं।
दरअसल, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा था कि सिंधु जल संधि और जल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने वर्ष 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत इन दावों को पूरी तरह और सख्ती से खारिज करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले क्षेत्रों में लोगों का असंतोष लंबे समय से चली आ रही नीतियों का परिणाम है, जिनमें आर्थिक शोषण, नागरिक अधिकारों से वंचित करना और प्रशासनिक दमन शामिल हैं।
जायसवाल ने कहा कि इन क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शनों के जवाब में पाकिस्तान द्वारा कठोर कदम उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पुलिस बल का दुरुपयोग, आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति में बाधा, इंटरनेट सेवाओं पर रोक तथा निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने दोहराया कि भारत पाकिस्तान की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को तथ्यहीन मानता है और उन्हें पूरी तरह अस्वीकार करता है।










