रांची, 23 जून।
बोकारो की एक युवती के लापता होने के मामले में एक बड़ा और निर्णायक मोड़ सामने आया है। कोलकाता स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) ने जंगल से बरामद कंकाल और युवती के माता-पिता के डीएनए रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। अदालत ने इस अत्यंत संवेदनशील रिपोर्ट का अवलोकन किया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जून की तारीख मुकर्रर की है।
सुनवाई के दौरान झारखंड उच्च न्यायालय की खंडपीठ में न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद उपस्थित रहे। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भी न्यायालय में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया कि मुख्य आरोपी दिनेश महतो को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। गौरतलब है कि बोकारो के जंगल से मिले अवशेषों की शिनाख्त के लिए ही यह वैज्ञानिक जांच कराई गई थी।
इस मामले में पुलिस विभाग की भारी फजीहत भी हुई है। जांच में बरती गई घोर लापरवाही और संवेदनशीलता की कमी को लेकर बोकारो पुलिस अधीक्षक ने बड़ा कदम उठाते हुए पिंडराजोड़ा थाना प्रभारी समेत कुल 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह पूरा मामला 31 जुलाई 2025 से लापता युवती की बरामदगी को लेकर उसकी मां द्वारा दायर हेबियस कॉर्पस याचिका से जुड़ा है। अब सभी की नजरें 25 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस केस में न्याय की दिशा तय करेगी।










