तिरुवल्लूर, 23 जून।
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में हुए अमोनिया गैस रिसाव की त्रासदी ने अब विकराल रूप ले लिया है। मंगलवार को उपचार के दौरान दो और श्रमिकों ने दम तोड़ दिया, जिससे इस भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। वर्तमान में 67 लोग विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। यह दुखद घटना 21 जून को पेरियापालयम के निकट कन्निगैपेर गांव में हुई थी, जहां फैक्ट्री के कूलिंग सिस्टम में आई खराबी के कारण जहरीली गैस का रिसाव हुआ था।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस दुर्घटना से कुल 77 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में ओडिशा, असम और झारखंड के प्रवासी मजदूर शामिल हैं। चेन्नई और तिरुवल्लूर के कई प्रमुख अस्पतालों में घायलों का उपचार चल रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि अमोनिया गैस के संपर्क में आने से मरीजों के श्वसन तंत्र, आंखों और फेफड़ों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। गंभीर रूप से बीमार कई मरीजों को आईसीयू में रखकर विशेष चिकित्सकीय निगरानी दी जा रही है।
राज्य सरकार ने इस भयावह हादसे को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों के पालन में कोई गंभीर लापरवाही बरती गई थी। फैक्ट्री परिसर को सील कर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से गहन पड़ताल की जा रही है। जिला प्रशासन ने पीड़ितों के परिजनों को हर संभव सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी और श्रमिकों की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डाल दिया है।










