नई दिल्ली, 23 जून।
दिल्ली सरकार ने झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों को राहत देते हुए झुग्गी पुनर्वास को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की बैठक में तय किया गया कि 1 जनवरी 2025 तक स्थापित सभी पात्र झुग्गी बस्तियों के निवासियों को पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा।
सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से राजधानी में रहने वाले करीब 4 से 5 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे लगभग 20 लाख लोगों के लिए पक्के और सुरक्षित आवास का रास्ता खुलेगा। लंबे समय से पात्रता तिथि के कारण पुनर्वास योजनाओं से बाहर रह गए परिवारों को भी अब राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मुख्य सचिव राजीव वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह फैसला हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठकों और नई झुग्गी पुनर्वास नीति 2026 के तहत तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल लोगों को मकान देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ‘हर गरीब को पक्का घर’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए पुनर्वास प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत पात्र परिवारों को सभी बुनियादी सुविधाओं से युक्त बहुमंजिला फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का प्रयास रहेगा कि ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ की अवधारणा के अनुसार पुनर्वास अधिकतम उसी क्षेत्र या आसपास किया जाए, ताकि लोगों की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई पुनर्वास कॉलोनियों में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी, बच्चों के खेल मैदान और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे पुनर्वासित परिवारों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
बैठक में पारिवारिक विस्तार जैसी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखने पर चर्चा हुई। ऐसे मामलों के लिए विशेष प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है, जहां एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग इकाइयों में रह रहे हैं।
सरकार का कहना है कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से पुनर्वास परियोजनाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को जल्द से जल्द पक्के मकानों का लाभ मिल सके।










