काठमांडू, 23 जून।
नेपाल की राजधानी काठमांडू में मंगलवार को एक भावुक कर देने वाला विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। अपनी आजीविका छिनने के डर से बड़ी संख्या में दृष्टिविहीन व्यवसायी सड़कों पर उतर आए हैं। इन लोगों का आरोप है कि सरकारी निकाय उनके छोटे से कार्यक्षेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं और उन्हें काम करने से रोककर उनकी रोजी-रोटी पर संकट पैदा कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उन्हें वहां से जबरन हटाने की कार्रवाई कर रही है, जिससे उनके सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
आंदोलनकारी व्यवसायियों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि सड़क किनारे तेज धूप, बारिश, धूल और भारी प्रदूषण के बीच काम करना उनका शौक नहीं, बल्कि पेट पालने की एक मजबूरी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि वे सम्मानजनक जीवन जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सरकार को उनके अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। जब तक राज्य प्रशासन उनकी आजीविका के लिए कोई सम्मानजनक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
नेपाल सरकार द्वारा लगातार की जा रही धरपकड़ से इन लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। इन लोगों का तर्क है कि यदि सरकार उन्हें सड़क से हटाना चाहती है, तो पहले उन्हें काम करने का कोई सुरक्षित स्थान या अन्य रोजगार के अवसर प्रदान करे। फिलहाल, ये दृष्टिविहीन व्यवसायी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की गुहार लगा रहे हैं।










