कोलकाता, 23 जून।
पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास को लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान हुई अव्यवस्था से जुड़े मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय से बड़ी राहत बरकरार है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपोब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति पार्थसारथी चटर्जी की खंडपीठ ने मंगलवार को उनके अंतरिम संरक्षण के आदेश में किसी भी प्रकार का फेरबदल करने से साफ इनकार कर दिया है।
इस मामले के सह-आरोपित शतद्रु दत्त की ओर से एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें अरूप विश्वास को मिले संरक्षण को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पूर्व मंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप होने के बावजूद पुलिस जांच सुस्त पड़ी है। इसके जवाब में अरूप विश्वास के वकील ने याचिका की वैधता पर ही सवाल खड़े कर दिए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से जांच की स्थिति के बारे में कड़े सवाल पूछे। राज्य के वकील ने स्पष्ट किया कि पूर्व मंत्री जांच में पूरा सहयोग दे रहे हैं और समय पर जांच अधिकारी के सामने पेश हो रहे हैं। यह पक्ष सुनने के बाद खंडपीठ ने सुनवाई को आगामी दो जुलाई तक के लिए टाल दिया है। फिलहाल उन्हें 17 अगस्त तक मिली राहत बनी रहेगी।
यह पूरा प्रकरण पिछले साल दिसंबर का है, जब दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी कोलकाता पहुंचे थे। आरोप है कि उस समय खेल मंत्री रहे अरूप विश्वास और उनके सहयोगियों द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़ने के कारण कार्यक्रम में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी और मेसी को आनन-फानन में मैदान छोड़ना पड़ा था। इस अव्यवस्था के लिए कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शतद्रु दत्त को पहले गिरफ्तार भी किया गया था।










