काठमांडू, 23 जून।
नेपाल में पत्रकारिता की गिरती साख और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर प्रेस काउन्सिल ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। काउन्सिल ने चेतावनी जारी करते हुए साफ कहा है कि जो भी मीडिया संस्थान या व्यक्ति पत्रकार आचार संहिता का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। काउन्सिल के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ में अपनी मर्यादा को पूरी तरह भूल चुके हैं और समाज में नकारात्मकता फैला रहे हैं।
काउन्सिल की रिपोर्ट के मुताबिक, कई ऑनलाइन पोर्टल केवल पंजीकरण का ढोंग कर रहे हैं। इनका असली मकसद समाचार प्रकाशित करना नहीं, बल्कि यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से केवल व्यूज और मोनेटाइजेशन के चक्कर में तथ्यहीन, विवादित और अभद्र सामग्री परोसना है। ऐसी सामग्री न केवल भ्रामक है, बल्कि इससे सार्वजनिक शांति भी भंग हो रही है।
इतना ही नहीं, बिना वैध परिचय पत्र के कुछ तथाकथित पत्रकार सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों में घुसकर हंगामा कर रहे हैं। वहां के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने और उन विवादों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना एक फैशन सा बन गया है। प्रेस काउन्सिल ने इसे पत्रकारिता के नाम पर धब्बा करार देते हुए कहा है कि इस तरह की गैरजिम्मेदार हरकतों से पूरे पत्रकार जगत की गरिमा धूमिल हो रही है। काउन्सिल ने सभी से अपनी जिम्मेदारी समझने और स्थापित मर्यादाओं का पालन करने की अपील की है।










