भोपाल, 23 जून।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और लोक-कल्याण से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लग सकती है। इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उज्जैन में स्थायी सिंहस्थ मेला कार्यालय की स्थापना को लेकर अपेक्षित है। धर्मस्व विभाग के संचालनालय को पहले ही उज्जैन स्थानांतरित किया जा चुका है, और अब इस नए कार्यालय के माध्यम से सिंहस्थ महाकुंभ की प्रशासनिक और ढांचागत तैयारियों की निगरानी सालभर सुचारू रूप से हो सकेगी। यह कदम 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ आयोजन को एक संस्थागत और संगठित स्वरूप प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
राज्य के अन्नदाताओं के लिए भी आज की बैठक बेहद राहत भरी रहने वाली है। मंत्रिपरिषद की बैठक में सहकारिता विभाग के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा, जिसके तहत प्रदेश के 24 लाख से अधिक किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण देने की योजना को वर्ष 2026-27 के लिए भी विस्तारित करने का निर्णय लिया जाएगा। सहकारी बैंकों और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जुड़े इन किसानों को समय पर ऋण चुकाने पर ब्याज दर में पूरी छूट दी जाएगी, जिसका भार राज्य सरकार उठाएगी। साथ ही, सरकार खरीफ फसल के ऋण भुगतान हेतु सहकारी बैंकों को भी अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगी।
इन दो प्रमुख एजेंडों के अलावा, बैठक में लगभग 10 अन्य विभागीय प्रस्तावों पर भी विस्तृत मंथन किया जाएगा। शासन की मंशा इन निर्णयों के माध्यम से प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की है। कैबिनेट की कार्यवाही संपन्न होने के बाद, औद्योगिक विकास और प्रदेश में नई परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक भी बुलाई जा सकती है, जिसमें निवेश से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी।










