उज्जैन, 22 जून।
मध्य प्रदेश को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल रंग ला रही है। इसी क्रम में, उज्जैन में डीपटेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर की स्थापना के लिए प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। इस सेंटर का निर्माण आईआईटी इंदौर के सहयोग से किया जाएगा, जिसका उद्देश्य प्रदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना है।
सोमवार को इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेंद्रन, उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की एक उच्च-स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी और आईआईटी इंदौर की विशेषज्ञ टीम भी उपस्थित रही। इस दौरान सेंटर के लिए उपयुक्त स्थान के चयन पर विस्तृत चर्चा की गई और भविष्य की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक के पश्चात, अधिकारियों की टीम ने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के निर्माण और वहां प्रस्तावित साइंस सिटी से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट विजन है कि उज्जैन को मेडिकल, साइंस और टेक्निकल एजुकेशन के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। यह डीपटेक सेंटर न केवल छात्रों को अत्याधुनिक अनुसंधान की सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर तकनीकी निवेश को आकर्षित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।










