भोपाल, 23 जून।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क में की गई डेढ़ प्रतिशत की बढ़ोतरी के विरोध में आज मंगलवार को प्रदेश भर के अनाज व्यापारी हड़ताल पर हैं। इस निर्णय के चलते राज्य की सभी कृषि मंडियों में कामकाज और नीलामी की प्रक्रिया पूरी तरह ठप रहेगी। सकल अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ के आह्वान पर किए गए इस बंद के कारण मंडियों में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई हैं।
महासंघ के पदाधिकारियों का तर्क है कि बाजार में पहले से ही मंदी और महंगाई का दबाव है, ऐसे में शुल्क में यह बढ़ोतरी व्यापारियों के लिए अत्यंत बोझिल और अव्यावहारिक है। व्यापारियों का कहना है कि पड़ोसी राज्यों जैसे गुजरात, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की तुलना में मध्य प्रदेश में मंडी शुल्क पहले से ही अधिक है। इसे और बढ़ाना व्यापार के हितों के प्रतिकूल है। व्यापारियों ने इस निर्णय को सरकार को जगाने के लिए एक 'प्रतीकात्मक विरोध' बताया है और तत्काल प्रभाव से बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग की है।
व्यापारी महासंघ ने आरोप लगाया है कि इस मामले पर मुख्यमंत्री और सरकार के प्रतिनिधियों से चर्चा चल रही थी, लेकिन बिना किसी स्पष्ट संवाद के अचानक यह निर्णय थोप दिया गया। हड़ताल की गंभीरता को देखते हुए मंडी सचिवों ने राज्य के किसान भाइयों से विशेष आग्रह किया है कि वे आज अपनी उपज लेकर मंडियों में न आएं। इस सावधानी का उद्देश्य किसानों को होने वाली अनावश्यक परेशानी और असुविधा से बचाना है। यह हड़ताल अब सरकार के लिए नीतिगत पुनर्विचार का एक बड़ा दबाव बन गई है।










