लखनऊ, 23 जून।
उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुई भीषण आग की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। अलीगंज के पुरनिया इलाके में एक दुकान के ऊपर चल रहे इस एनीमेशन कोचिंग संस्थान में लगी आग में फंसकर 16 से 25 वर्ष की आयु के 15 विद्यार्थियों की दुखद मृत्यु हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकांश मौतों का कारण दम घुटना था। इस हादसे में नौ अन्य विद्यार्थी घायल भी हुए हैं, जिन्हें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अलीगंज पुलिस ने बीएनएस और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धाराओं के तहत छह नामजद व्यक्तियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीती रात चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण, अग्निशमन और विद्युत विभाग के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने इस पूरी घटना की तह तक जाने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले की विस्तृत विवेचना के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार शामिल हैं। यह दल सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगा।










