नई दिल्ली, 23 जून।
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अध्यक्ष महेंद्र देव ने कहा है कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को लगातार 7 से 8 प्रतिशत की दर से बढ़ना होगा। इसके लिए निजी निवेश और निर्यात वृद्धि को और मजबूत बनाना आवश्यक है।
मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महेंद्र देव ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने में निजी क्षेत्र की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि निवेश और निर्यात दोनों ऐसे प्रमुख स्तंभ हैं, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में किए गए विभिन्न संरचनात्मक सुधारों ने आर्थिक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। इन्हीं सुधारों के परिणामस्वरूप देश कई क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और आगे की संभावनाएं भी मजबूत बनी हुई हैं।
हालिया सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं पूरे वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई। इस प्रदर्शन में कृषि, निर्माण और सेवा क्षेत्रों की अहम भूमिका रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में द्वितीयक क्षेत्र में 8.8 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं प्राथमिक क्षेत्र की वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत रही, जिसमें कृषि और मत्स्य पालन क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार, प्रसारण, भंडारण, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में भी दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। इसे देश में जारी बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
महेंद्र देव ने कहा कि राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसी परियोजनाओं में सरकार के निवेश ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बना हुआ है।
उन्होंने फसल पोषण से जुड़े एक कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच किसानों और विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाकर कृषि क्षेत्र में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।










