नई दिल्ली, 25 जून।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने गुजरात के राजकोट में 21 वर्षीय नंदिनी आनंदभाई बोसमिया की संदिग्ध मौत के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने महिला के साथ कथित शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण के आरोपों, जिनमें जबरन हिस्टेरेक्टॉमी कराए जाने का मामला भी शामिल है, को गंभीर मानते हुए गुजरात पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने गुजरात के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में तत्काल प्रभाव से उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देशों में संबंधित धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज करने, सभी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी करने और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने की बात कही गई है।
एनसीडब्ल्यू ने कथित गर्भाशय निकालने की प्रक्रिया की भी विस्तार से जांच कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही संबंधित स्वास्थ्य संस्थान की भूमिका की पड़ताल करने और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
आयोग ने विशेषज्ञों के पैनल से विस्तृत फॉरेंसिक पोस्टमार्टम कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा पीड़िता के साथ हुए कथित आर्थिक शोषण की जांच कर धन की रिकवरी सुनिश्चित करने तथा जूनागढ़ में पहले दर्ज शिकायत की समीक्षा करते हुए किसी संस्थागत त्रुटि की भी जांच करने को कहा गया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस पूरे मामले में अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश गुजरात पुलिस को दिए हैं।















