इंदौर, 25 जून।
इंदौर जिले में भिक्षावृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार जिले की पूरी राजस्व सीमा में किसी भी प्रकार की भिक्षावृत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह व्यवस्था सामाजिक बुराई की रोकथाम और उसके निवारण के उद्देश्य से लागू की गई है।
जारी आदेश के मुताबिक भिक्षावृत्ति करने के साथ-साथ भिक्षुओं को किसी भी प्रकार की भिक्षा देना या उनसे कोई सामान खरीदना भी प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति भिक्षा देता है या भिक्षावृत्ति करने वाले से सामान खरीदता पाया जाता है, तो उसे भी आदेश का उल्लंघन मानते हुए कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा।
प्रशासन ने नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। यदि जिले में कहीं भी कोई व्यक्ति भिक्षावृत्ति करते हुए दिखाई देता है, तो इसकी सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी दिनेश मिश्रा के मोबाइल नंबर 9691494951 पर दी जा सकती है। सूचना के सत्यापन के बाद सही पाए जाने पर सूचना देने वाले व्यक्ति को एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था अथवा आयोजक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रशासन के अनुसार यह प्रतिबंधात्मक आदेश 25 जून 2026 से लागू होकर 22 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान जिले में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

















