भोपाल, 25 जून।
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन से मुलाकात कर शहर में लागू व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क समाप्त करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि प्रदेश के अन्य किसी भी नगरीय निकाय में यह शुल्क लागू नहीं है, लेकिन भोपाल के व्यापारियों से इसकी वसूली अब भी जारी है।
चेंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने बताया कि संस्था लंबे समय से इस शुल्क को समाप्त करने की मांग कर रही है। उनका कहना है कि अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क के कारण व्यापारियों और उद्योगपतियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, इसलिए इसे समाप्त किया जाना आवश्यक है।
चेंबर के संचालक एवं समिति संयोजक अनिल चुग ने नगर निगम आयुक्त को अवगत कराया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 21 अप्रैल 2023 को व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क लागू किया था। हालांकि व्यापारियों के विरोध और विभिन्न विसंगतियों के चलते 25 अप्रैल 2023 को इसे पूरे प्रदेश में स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद भोपाल में यह व्यवस्था अब भी प्रभावी है, जिससे "एक प्रदेश-दो कानून" जैसी स्थिति बन रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि भोपाल में भी इस शुल्क को समाप्त कर व्यापारियों को राहत दी जाए। इस पर संस्कृति जैन ने कहा कि वह शासन के आदेशों और उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन कर पूरे मामले की जानकारी लेंगी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि विषय के समाधान और शुल्क समाप्त करने के संबंध में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में सुनील जैन जैनाविन, अजय देवनानी, वात्स्यायन जैन, अनिल मिश्रा, आदित्य सिंघई, मनोज नागरानी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
















