जबलपुर, 25 जून।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ लंबित मानहानि मामले की कार्यवाही समाप्त कर दी है। एकलपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए भोपाल की ट्रायल कोर्ट में लंबित शिकायत प्रकरण को भी बंद करने के निर्देश दिए।
यह मामला वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान झाबुआ में दिए गए एक कथित बयान से जुड़ा था। राहुल गांधी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 528 के तहत याचिका दायर कर भोपाल की विशेष अदालत के 13 दिसंबर 2024 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के अंतर्गत संज्ञान लेते हुए उन्हें समन जारी किया गया था।
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अंतरिम आवेदन प्रस्तुत कर कहा कि उनके बयान में शिकायतकर्ता का नाम अनजाने में आ गया था। उन्होंने अदालत को बताया कि उनका आशय छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र से था, जिनका नाम पनामा पेपर्स विवाद में सामने आया था। उन्होंने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि वह पहले दिए गए सार्वजनिक स्पष्टीकरण पर कायम हैं।
शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में प्रस्तुत जवाब में कहा गया कि राहुल गांधी द्वारा व्यक्त किए गए खेद को स्वीकार करते हुए वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। साथ ही हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट में लंबित समस्त कार्यवाही समाप्त करने का भी अनुरोध किया गया।
दोनों पक्षों की सहमति और राहुल गांधी द्वारा व्यक्त किए गए खेद को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने अपने समक्ष लंबित याचिका का निराकरण कर दिया। इसके साथ ही भोपाल स्थित जेएमएफसी एवं विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) की अदालत में लंबित शिकायत प्रकरण क्रमांक एससीपीपीएम-03/2018 की कार्यवाही समाप्त करने का भी आदेश दिया।
अदालत ने अपने आदेश की प्रति संबंधित ट्रायल कोर्ट को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि आदेश का आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
















