जम्मू, 29 जून।
राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य और शासन के विभिन्न क्षेत्रों में सटीक आंकड़ों की अहमियत पर विस्तार से मंथन किया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी सरकारी योजना को सही ढंग से लागू करने और नीति निर्माण में विश्वसनीय डेटा की भूमिका नींव के समान है। बेहतर निर्णय लेने में इसके महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को डेटा संग्रह की विधियों और उनके कुशल उपयोग की जानकारी दी गई। सांख्यिकी का उपयोग करके विकास योजनाओं की निगरानी करने और संसाधनों के उचित प्रबंधन पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान दौर में डेटा आधारित प्रणाली ही सुशासन का आधार है। समाज के हर वर्ग में सांख्यिकी के बढ़ते महत्व को स्पष्ट करते हुए इसे विकास का प्रमुख मानक बताया गया।













